Friday, September 23, 2011

वर्ग पहेली 153

वर्ग पहेली 153
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घाअई घाटअ रअघासु वअच अचिंनत चिंअता चूअताक चेनताअत योअधधि रथअधि वाचअधिन वाधिचीअ णउकपर काकउपर पचाउर पशउदं कनात कसीना नेरक पीकश

बाएँ से दाएँ
1. आचमन, आचवन, अचमन, अचवन, अचौन
2. तनाहीनता, चेतनाशून्यता, बेहोशी, मूर्च्छा, मूर्छा
4. औज़ार, करण, साधन, हथियार,
8. चिकित्सा, इलाज
9. वह रेती जिससे आरे आदि के दाँतों को रगड़कर तेज बनाया जाता है
10. कुंद, कुन्द, कनैल, रंगारि, रङ्गारि,
11. निश्चिन्तता, निश्चिंतई, बेफ़िक्री,
13. बिना घाट की जगह
16. चुनाव, निर्वाचन


ऊपर से नीचे
1. तृप्ति, संतुष्टि, संतोष, तुष्टि, तोष, पेट भर खाने की अवस्था या भाव;
2. सारथी, रथवाह, सूत, रथवान, प्राजिता
3. उपकारी, उपकर्ता
5. आतशक, गरमी, फिरंग रोग
6. एक प्रकार का मोटा कपड़ा जिससे कोई स्थान आदि घेरते हैं
7. अव्यर्थ, अबध, अमोघ, विमोघ; न चूकनेवाला
11. अविचारण, किसी वस्तु,बात आदि पर विचार न करने की अवस्था या क्रिया
12. कंस का सेनापति
13. बड़ा योद्धा
14. वह अर्थीय संबंध जो ऊपरी वर्ग या गण को निर्दिष्ट करता है
15. हनुमान, पवनपुत्र, पवनसुत, पवनकुमार, बजरंग बली
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पहेली 152 का हल:

Tuesday, September 20, 2011

वर्ग पहेली 152

वर्ग पहेली 152
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अघविष अघहरण अघेरन अचरज अचल अचवन अचार अधिरोहण अधिलाभ अधिवासी उपकारी उपखाड़ी उपचय उपजाति कनोखी कपक कपूर कपोल

बाएँ से दाएँ
1. अनुग्राहक, अनुग्राही; उपकार करनेवाला
3. साँप, सर्प, अहि, भुजंग, उरंग, व्याल, सारंग, विषधर
4. कनखी, तिरछी नज़र, तिरछी नजर, तिरछी चितवन
7. अधिक्रम, अरोहन; सवार होने की क्रिया
8. चयापचय
9. बोनस, अधिलाभ; लाभ का वह अंश जो नियोजक कर्मचारियों में बाँटता है
11. आश्चर्य, अचंभा, अजूबा, अचम्भा, ताज्जुब, ताज़्जुब, विस्मय, हैरत,
13. गाल, रुख़, रुख; मुँह के दोनों ओर हड्डी और कनपटी के बीच का कोमल भाग
14. व्यवहार, आचरण, बरताव, बर्ताव, चाल-चलन, चाल-ढाल, ब्यवहार,

ऊपर से नीचे
1. वह वर्ग जिसमें किसी जाति के उन सदस्यों को रखा गया है जो उसी जाति के दूसरे सदस्यों से आनुवंशिक लक्षणों में थोड़े अलग हों
2. पाप का नाश
5. निवासी, आवासी, बाशिंदा, रहवासी, वासी
6. आचमन, भोजन के उपरांत हाथ मुँह धोने और कुल्ली करने की क्रिया
8. बहुत बड़ी जलराशि की शाखा
9. जौ का मोटा आटा
10. पपीहा, अत्यूह, तंजल, धनाख, धारात, बभ्रु;
11. पर्वत, पहाड़, गिरि, शैल, गिर, महिधर, तुंग, अग, स्थावर,
12. कर्पूर, रेणुसार, मिहिका, इंदु, इन्दु, हिमांशु, अब्ज, शशांक, निशारत्न,
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पहेली 151 का हल:



वर्ग पहेली 151

वर्ग पहेली 151
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हमागरट मीगर लरग वालरग राँवग रागज राडूग रागरा रीराग गरानव रिगमा रीग बगरी ड़गरु गड़िरेया गरीरे डलगगं लगयाकित लथैलीग गईल बगललकं गलका गलगल

बाएँ से दाएँ
1. एक प्रकार का नमक
2. चुप्रि आलू; एक एकवर्षी लता का कंद
4. इमारत का वह भाग जहाँ गाड़ियाँ खड़ी की जाती हैं
5. चौपायों के गले में बँधा हुआ रस्सी का फंद
6. गन्ने का काटा हुआ टुकड़ा, घिरनी, चरखी, चकली, गड़ारी,
8. कपोलगेंदुवा; गाल के नीचे रखने का गोल,छोटा और कोमल तकिया
10. घेंघा; गला सूजने का एक रोग
11. गाय आदि के गले के नीचे की झालर
13. महिमा, बड़प्पन, माहात्म्य, महात्म्य, शान, मर्यादा
14. विष, जहर,
15. बड़ी पनडुबी; पतली चोंच वाला एक जलपक्षी

ऊपर से नीचे
1. गलौआ; बंदरों के गाल के नीचे की थैली
2. खोपरा, खोपड़ा, गोला, गिरी
3. घिरनी, चरखी, चकली, गड़ारी, पुली, गेयर, गियर
4. मेषपाल, अजप, अजपा, अजपाल, गड्डरिक; भेड़ों को पालने और उनको चराने का काम करनेवाली एक जाति का सदस्य
5. कुल्ला, गंडूष, गण्डूष
7. मंग, तालियामार; नाव का अगला उठा कोना
9. चरखी, गंगई, कचबचिया, गलगलिया,
10. सर्पारि, अहिरिपु, खगकेतु, खगपति, शिलानीड़, तारख
11. गरमी, तपिश, ताप, तपन, गर्मी, अनुताप, चंड, ताव, ताब
12. ताप, उष्णता, आतप, उष्मा, गरमाहट
13. बैजा; गले का फोड़ा
14. निर्धन, दरिद्र, रंक, दीन,
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पहेली 150 का हल-



वर्ग पहेली 150

वर्ग पहेली 150
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रौतक कल कलंक रदलंक ककंठल दकाग गरद दलाग हरदगनापू हागद गदा गदारध गलादे गरुनकेआ गनगौर गयानिरी गतनीम गलने नोयागरि गरीनौ गप शपगप

बाएँ से दाएँ
1. एक प्रकार की घास
2. लांछन, लांछना, दाग़, दाग, आक्षेप, अपयश, अपवाद, कालिमा, कलौंछ
4. गुर्ज़; डंडे में बड़ा लट्टू लगा हुआ एक प्राचीन अस्त्र
5. विकट अवस्था में भी होनेवाली संतोष की बात
6. हाथी की पीठ पर कसने का गद्दा
7. कोयल, कुहकनी, कोकिल, कोकिला
8. गजाधर; गदा धारण करनेवाला व्यक्ति
9. पैंतरा खेलने का वह डंडा जिसके ऊपर चमड़ा मढ़ा रहता है
10. पुनर्नवा, पथरचटा, बिसखपरा, बिसखापर, विशाख, शशिवाटिका, वृश्ची, वृश्चीव, शाकवीर, विशाखिका;
11. यंत्र, मशीन, आज से पहले या आज के बाद का दिन
12. धा, गर्दभ, खर, रेणुरुषित, लंबकर्ण, लम्बकर्ण, मूर्ख, बेवकूफ़, लल्लू, गोबर गणेश, गंवार, अनाड़ी, उज़बक,
14. नागरमोथा, अंबुद, अम्बुद, तड़ित्वान्, तड़ित्वत, अब्द, पिंडमुस्ता,
15. इधर-उधर की बात या अनौपचारिक बातचीत

ऊपर से नीचे
1. जनन इंद्रिय का एक रोग जिसमें उसके अन्दर घाव हो जाता है
3. करवत, आरा; लोहे की वह दाँतीदार पटरी जिससे लकड़ी चीरी या काटी जाती है
4. रुई,पयाल आदि से भरा हुआ मोटा और गुदगुदा बिछौना
5. एक प्रकार की घास
6. उपद्रव, दंगा, दंगाफ़साद, दंगाफसाद, उत्पात, ऊधम, बखेड़ा, खुराफ़ात, हंगामा, बवाल, विप्लव,
7. मदारी
8. मनोरथ तृतीया
10. शमी के समान एक काँटेदार पौधा
13. डींग, शेखी से बहुत बढ़कर कही जाने वाली बात, अफवाह
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पहेली 149 का हल:

वर्ग पहेली 149

वर्ग पहेली 149
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कटरव कवरर करवा वीरकर रांकबुक सराकक कराची रातकमा नामारकरा कराव कहरा कहीरा करिदनब रिकरव रीक रीमक रीरक रेंटक करैत ड़पतिरोक

बाएँ से दाएँ
1. कुछ जातियों में विधवा के साथ किया जानेवाला विवाह
2. आँच पर चढ़ाने का धातु आदि का छोटा गोल बरतन, आह-आह करना, आह भरना
3. गणेश, गजानन, गणपति, श्रीगणेश, लंबोदर, वक्रतुंड, विनायक
4. आह; मुँह से निकलनेवाला व्यथा सूचक शब्द
5. चमत्कार, अद्भुत कार्य, कमाल, करिश्मा, करतब, अजूबा, अज़मत
6. खटाई, बेसन आदि को पकाकर गाढ़ा करने से बनने वाला एक सालन
7. करौंदा, करमर्द, करमर्दक
9. संकट, आपत्ति, आपदा, आफ़त, आफत, मुसीबत, विपत्ति,
11. बधना; एक प्रकार का टोंटीदार लोटा, एक प्रकार की मछली
12. वह हाथी जो हर तरह से श्रेष्ठ हो
13. अल्ला, खुदा, ख़ुदा, अल्लाह
14. विद्युत धारा प्रवाह
15. पाकिस्तान देश का एक बड़ा शहर

ऊपर से नीचे
3. एक काला जहरीला साँप
5. इकरारनामा, अनुबंध-पत्र, शर्तनामा
6. करील, निष्पत्रिका, तीष्णकंटक, तीष्णकण्टक, मरुभूरुह
7. कनेर, कणेर, कुंद, कुन्द, कनैल, रंगारि, रङ्गारि,
8. करोड़ रुपयों का स्वामी
10. वेनेज़ुएला की राजधानी
11. हाथ या पार्श्व के बल लेटने की स्थिति या मुद्रा
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पहेली 148 का हल:

वर्ग पहेली 148

वर्ग पहेली 148
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धंधा धारधं सनधं ईध धचका ड़ाधक तधरनं नधकोटा थिनधया धनद धारीधन राधनशि ननधवा धनरीसि धखना रीशनाध जुलबं डलबं गोभीदबं बंदिया बंदिश बंकदू

बाएँ से दाएँ
2. नागालैंड की एक प्रमुख नदी
3. निषेध, पाबंदी, मनाही, वर्जन, प्रतिषेध, पाबन्दी, प्रतिबंध
5. गाम्बिया की राजधानी
6. धनाश्री, एक रागिनी
8. ज्वाला, लपट, अग्नि ज्वाला, अग्नि शिखा, शोला, लौ, लूका, आँच
9. बंदनी, बंदी; सिर पर पहनने का स्त्रियों का एक आभूषण
11. निधि, फंड, राशि;
12. धमाके का शब्द
13. हचकोला, हिचकोला
14. चमोई, सतबरवा; एक प्रकार का पहाड़ी वृक्ष

ऊपर से नीचे
1. एक पहाड़ी पौधा
2. धनाढ्य व्यक्ति, धनवान, अमीर, धनपति, धनपाल, धनिक, धनपाल, धनी, पैसेवाला, रईस
3. गाँठ, पुलिंदा
4. एक देवता जो आयुर्वेद के सबसे बड़े आचार्य और देवताओं के वैद्य माने जाते हैं
5. पत्तागोभी, करमकल्ला
6. धान का वह खेत जिसमें से फसल काट ली गई हो
7. व्यवसाय, कारोबार, कारबार, पेशा
8. धंसाव; धँसने की क्रिया या ढंग
9. एक प्रकार का प्रसिद्ध अस्त्र जिससे शत्रु पर गोली चलाई जाती है
10. कुबेर, कुवेर, किन्नर राज, यक्षराज, यक्षेंद्र, यक्षेश्वर
11. धनाढ्य, धनी, अमीर, दौलतमंद,
12. उपक, कपक, पपीहा, अत्यूह, तंजल
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पहेली 147 का हल-

वर्ग पहेली 147

वर्ग पहेली 147
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कधधक जड़बध धड़ धकध नध धनंयज टीधकन धरनक रकुधनबे धनयाहित तेनधरस नरधसा धहान धना धकनि धयानि धनी नुध नरबंजा डाबं बंद रबंदनवा हदगारबं दाबं दीबं

बाएँ से दाएँ
1. धनाढ्य व्यक्ति, धनवान, अमीर,
2. धनाढ्य व्यक्ति, धनवान, अमीर, धनपति, धनपाल, धनिक
3. दौलत, रूपया-पैसा, पैसा, वित्त, अर्थ, वैभव, लक्ष्मी,
6. धनंजय, धनञ्जय, पार्थ
7. तोरण
8. शरीर में गले के नीचे से कमर तक का सारा भाग
9. दहक, लपट; आग दहकने की क्रिया
11. धन्याक, बीजधान्य, तुंबुरी, तुम्बुरी, स्वर्णिका, तीक्ष्णफल; गोल दाने के समान एक फल जो मसाले के काम आता है
12. समृद्धशाली, ऐश्वर्यवान, ऐश्वर्यशाली, धनधान्यपूर्ण, ख़ुशहाल
13. धान काटने का समय
14. बंजारा परिवार की स्त्री
16. व्यक्ति, मानस, आदमी, शख़्स,
17. बंदर, बन्दर, पोताश्रय, पोतस्थान

ऊपर से नीचे
1. धनुष, कमान, चाप, चाँप, कोदंड, कोडंड, शरायुध,
2. कार्तिककृष्णा त्रयोदशी जो दिवाली के एक,दो दिन पहले होती है
4. तलवार, तेग, शायक, करवाल, करबाल, असि, शमशेर,
5. धान का वह खेत जिसमें से फसल काट ली गई हो
6. एक रागिनी
7. केउआं, केमुक, स्वल्पतरु; अरवी की जाति का एक पौधा
8. हृदय स्पंदन, हृदय गति;
10. कैदी
11. अन्न-कोष्ठ, अन्न रखने का स्थान या कोठरी
13. वह खेत जिसमें धान की फसल बोई गई हो;
14. फीता, बंध, बन्ध; वह चीज़ जिससे कुछ बाँधा जाए
15. वह जो धान की खेती करता हो
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पहेली 146 का हल

वर्ग पहेली 146

वर्ग पहेली 146
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बख़िता ख़ुदशीकु रदगजख़ु ख़ुदा ख़ुदी ख़ुमारी राख़ुक ख़ुलूस तख़ख़ुश ख़ुख़रीबश ख़ुबूश हालीख़ुश ख़ुशी नख़ू राख़नबाख़ू नीख़ू जेठ जेब बटकजे रजे लजेरूमस धव धाँसी धाक धागा धाता तुधा

बाएँ से दाएँ
1. अल्लाह, करीम, परवरदिगार, मालिक, मौला, रब, रहमान, रज़्ज़ाक़
2. एक वैदिक देवता
3. आहार मात्रा; एक समय में भोजन, पेय आदि लेने की मात्रा
4. आत्महत्या, आत्मघात
5. हत्यारा, कातिल, क़ातिल, हन्ता, वधक, वधिक
6. मारकाट, मार-काट, कटाकटी, रक्तपात
7. धाव, धाइ, धवाई, ताम्रपुष्पी, धुरंधर, धुरन्धर, सीधुपुष्पी, शिजवा, शुक्ल, शुक्लवृक्ष, सिंदूरी; औषध के काम आनेवाला एक जंगली पेड़
9. नशा, मद
10. तागा, सूत, डोरा, डोर, सूता, सूत्र, तन्तु, तंतु, तंत्र
11. अहंकार, घमंड, घमण्ड, अकड़, दर्प, अभिमान, ग़रूर, ग़ुरूर, गुरूर, गरूर, गुमान, गर्व, मान, दंभ, दम्भ, मद, मगरूरी, ऐंठ, ऐंठन, शेखी, शेख़ी, शान, अनति
12. पाकेट, पॉकेट, खीसा, घूघी
13. ज्येष्ठ मास, शुक्र, शुचि, ज्येष्ठमास
14. खेड़ी, आँवल, गर्भ झिल्ली, जरायु, उल्व, अंबल, कलल, गर्भनाल, लिझड़ी, अपरा, अमरा
15. ईमानदारी, सच्चाई, सच्चापन, दयानतदारी
16. पशुओं विशेषकर घोड़े की खाँसी

ऊपर से नीचे
1. सुलेख, सुलेखन, खुशखतिया; सुन्दर लिखने वाला
2. वीर्य, बीज, शुक्र, हीर, मज्जारस, वृष्ण्य, शुचीरता, शुचीर्य, शुटीर्य, रेत, रेत्र, रेतन, रेतस्;
3. हर्ष, परितोष, प्रफुल्लता, फरहत, तफरीह, तफ़रीह, शादमनी, प्रसन्नता
4. सुसमाचार, अच्छी ख़बर, शुभ संदेश, शुभ समाचार, सुसंवाद, मंगल-समाचार, इंजील
5. रक्त, रुधिर, लहू, लोहू, शोणित, अश्र, रसभव, वृजिन
8. उपाधि, पदवी, लकब, लक़ब, अभिहिति;
9. स्वार्थी, मतलबी,
10. . प्रतिष्ठा, इज्जत, इज़्ज़त, आदर, सम्मान, मान-सम्मान, पूछ, रुतबा, नाम, नाक, मर्यादा, आनबान, अस्मिता, आबरू, लाज, आन-बान; पलाश, पलास, किंशुक, टेसू, टेसुआ, ढाक
11. समृद्धि, संपन्नता, सम्पन्नता, समृद्धता, समृद्धिपूर्णता, धनधान्यपूर्णता,
12. इस्राइल की राजधानी
13. पाकिटमार, जेबकतरा, गिरहकट, पाकेटमार
15. सुगंध, सुगन्ध, गमक, सुवास, सौरभ, सुरभि, परिमल, परमल
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पहेली 145 का हल:



वर्ग पहेली 145

वर्ग पहेली 145
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घअ मघअ पदासंचअल लाकीलचअ चलअजा चअला अधिरोप रोपअणधि अधिचवाक उकप उतिपकुलप पउगिरि काचारिपउ वपनाउचु उपज नजापऊउप कनीनिका कप पकटी

बाएँ से दाएँ
1. उपनिर्वाचन; किसी स्थान,पद,सदस्यता आदि के लिए होनेवाला वह निर्वाचन जो किसी सत्र की अवधि पूरी होने से पहले,किसी विशेष कारण से किसी स्थान के रिक्त हो जाने पर उसकी पूर्ति के लिए होता है
3. कपक, पपीहा, अत्यूह, तंजल, धनाख, धारात, बभ्रु
5. दुख, दुःख, तक़लीफ़, तकलीफ, कष्ट, क्लेश, परेशानी, कोफ़्त, कोफ्त
6. किसी पर अपराध का अभियोग, दोष या आरोप लगाए जाने की क्रिया
7. पार्वती, अंबा, अम्बा, उमा, गिरिजा, गौरी, भगवती, भवानी
8. उर्वरता, उर्वर होने की अवस्था या भाव
10. शीतऋतु, शीतकाल
12. पहाड़ी, छोटा पर्वत, टेकरी
13. अचल संपत्ति, स्थावर संपत्ति

ऊपर से नीचे
1. फसल, फ़सल, पैदावार, शस्य, निपजी
2. इनामी प्याला; प्याले के आकार की धातु की बनी वस्तु जो प्रतियोगिता में विजेता को दी जाती है
3. वाइस चांसलर; वह व्यक्ति जो किसी विश्वविद्यालय का उपप्रधान सर्वोच्च अधिकारी हो
4. तिल; आँख की पुतली के बीच की बिंदी
5. अचल संपत्ति, स्थावर संपत्ति
6. नया नियम,कर आदि प्रस्तुत करने की क्रिया
7. वह शब्द जो किसी दिए गए शब्द के संबंध की दृष्टि से अधिक व्यापक हो
9. डॉक्टरनी, डाक्टरनी, चिकित्सिका,
10. पृथ्वी, धरती, धरा, भू, वसुंधरा, वसुन्धरा, धरणि, धरित्री,
11. धोखेबाज, धोखेबाज़, धूर्त, चालबाज़, चालबाज, फरेबी, छलिया, मक्कार, जालसाज,
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पहेली 144 का हल:



Sunday, September 18, 2011

वर्ग पहेली 144

वर्ग पहेली 144
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तनिदिना पुनिण कएटंगा युगिला मनीला लिनीमा कनुती दभेभाव दीभे नागुरह नीला पमानुअ णग रिपु रतवीस सती

बाएँ से दाएँ
1. पक्षपात, तरफ़दारी, तरफदारी, ताईद; औचित्य या न्याय का विचार छोड़कर किसी एक पक्ष के अनुरूप होनेवाली प्रवृत्ति या सहानुभूति और उस पक्ष को समर्थन करने की क्रिया या भाव;
2. शत्रु, दुश्मन, वैरी, विरोधी, बैरी, मुद्दई, अरि, प्रतिद्वंद्वी, प्रतिद्वन्द्वी, मुखालिफ, मुख़ालिफ़, रकीब, रक़ीब, अनुशयी, अराति, सतर, अयास्य, अमित्र, अमीत, वृजन, अरिंद, अरिन्द, अरुंतुद, अरुन्तुद, तपु; वह जिससे शत्रुता या वैर हो;
4. ध्वनित, नादित, शब्दायमान; जो ध्वनि या शब्द के रूप में प्रकट हुआ हो
6. बेसन की बनी एक प्रकार की छोटी मिठाई
7. पतिव्रता, पतिव्रता स्त्री, एकचारिणी, पतिदेवा, अपांशुका, अपांशुला, अपांसुला, मंगला, ध्रुवा
8. नौकर, सेवक, दास, अनुचर, ख़ादिम, मुलाज़िम, मुलाजिम, आदमी, टहलुआ, पार्षद, लौंडा, अनुग, अनुचारक, अनुचारी, ताबेदार, अनुयायी, पाबंद, पाबन्द, नफर, नफ़र, अभिचर, भृत्य, गण, अभिसर, अभिसारी, अम, पारिकुट; वह जो सेवा करता हो
9. सोहन चिड़िया, सोहन, सोहन-चिड़िया, सोन चिड़िया, गगनभेर, गुनार, तुगदर, भेरार, हुकना; एक प्रकार की बड़ी चिड़िया
10. वह रंग जो आकाश या नील रंग का होता है;
12. गले में गांठ पड़ने का एक रोग
13. अद्वितीय रूप रंग की स्त्री

ऊपर से नीचे
1. भेदिया, राज़दान, राज़दार, राजदान, राजदार
3. एक टाँग का लगड़ा
4. प्रवीण, प्रवीण व्यक्ति, पारंगत, दक्ष, माहिर, अभ्यस्त, क़ाबिल, होशियार, पक्का, सिद्धहस्त, परिपक्व, कार्यकुशल, विचक्षण, अभ्यासी; वह जो किसी कार्य को करने की विशेष योग्यता रखता हो;
5. चित्र, रेखाओं या रंगों से बनी हुई किसी वस्तु आदि की आकृति
10. नीलामी, घोष विक्रय,
11. नीलाभ; नीले होने की अवस्था
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पहेली 143 का हल:

वर्ग पहेली 143

वर्ग पहेली 143
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नीजर ड़ियाभे यादिभे रीभे भेल भेरीपुल षभे जभेष भैंस भैंसारसु नाभै भैया रगु गुदार बानीगुर लगुरस सुरमगु रागुम रियागु

बाएँ से दाएँ
1. सेव, कुरमुरे, प्याज, मसाले आदि मिलाकर बनाई हुई एक चटपटी खाद्य वस्तु
2. युद्ध डंका, रणभेरी, रण दुंदुभी; युद्ध के समय बजाया जानेवाला एक प्रकार का वाद्य
4. अरण्य श्वान, वृक, सालावृक, वत्सादन
5. गुरुग्रंथसाहिब, पंजाबियों का धर्मग्रंथ
7. गुड़ंमा, गुड़म्मा, गुड़ंबा, गुड़म्बा, गुड़ाम, गुडंबा; गुड़ या चीनी के शीरे में उबाला हुआ कच्चा आम
8. महिष; एक दैत्य जिसे दुर्गा ने मारा था;
9. चरखी, गंगई, कचबचिया, गलगलिया, कलहँटी, गलगल, सिरगोटी, गलारी
11. पोशाक, पहनावा, कपड़ा, परिधान, लिबास, वस्त्र, जामा, वेश
12. मनका, माला का दाना;
13. सिरोही, किलहँट, किलहंट, गिलगिलिया

ऊपर से नीचे
1. गुप्तचर, जासूस, मुख़बिर, मुखबिर
3. एक प्रकार की छेनी
4. औषध, दवा, दवाई, औषधि, दारू, दवा-दारू, अगद, वीरुध, वीरुधा
6. मोती, मुक्ता, शुक्तिज, मुक्तामणि, अब्धिमंडूकी, मंजरीक, मंजरी, इंदुरत्न, इन्दुरत्न, सलना, शुक्तिबीज, शुक्तिमणि, सिंधुजात, सिन्धुजात,
7. साहस, हिम्मत, दिलेरी, बहादुरी, मजाल, जिगर, कलेजा
8. औषध, दवा, दवाई, औषधि, दारू, दवा-दारू, अगद, वीरुध, वीरुधा
9. बड़ा भाई, भइया, अग्रज, अग्रजन्मा, जेठा भाई
10. मूलमंत्र, मूलमन्त्र, विशेष तरीका;
11. सेव, कुरमुरे, प्याज, मसाले आदि मिलाकर बनाई हुई एक चटपटी खाद्य वस्तु
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पहेली 142 का हल:

वर्ग पहेली - 142


वर्ग पहेली 142
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कमेएव सुतगिरि रशिचनि शुंभनि रनीद ठनीलकं थोनीलाथा नीलाभ नीव कारिहानी ताकनु दाइंमानु माशइनु ड़ाभे दभे

बाएँ से दाएँ
1. बिंदी, बिन्दी, बिन्दु, विंदु, विन्दु, नुक्ता
2. राक्षस, असुर, दैत्य, दैत, निशाचर, दानव, जातुधान, यातुधान, तमीचर, तमाचारी, नैरृत, नैऋत, अनुशर, अपदेवता, ध्वांतचर, ध्वान्तचर, कर्बर, देवारि, कर्बुर, कैकस, तमचर, सुरद्विष, पलाद, पलादन, अमानुष, नृमर, रात्रिबल, रात्रिमट, निशाविहार, निषकपुत्र, रक्तप, पलंकष, ह्रस्वकर्ण, रेरिहान, रैनचर, त्रिदशारि, लंबकर्ण, लम्बकर्ण, नरांश, तरंत,
4. नीलापन, नीलिमा, नीले होने की अवस्था;
5. बादल, मेघ, उदधि, अंबर, अम्बर, अंबुधर, अम्बुधर, जलद
6. हिमालयज, मैनाक पर्वत;
8. मेष, मेढ़ा, अवि, अविक, गड्डर, पृथूदर, लोमश, ह्रद, वृष्णि, रोमश
9. चाष, चाषपक्षी, स्वर्णशिख, शकुंत, शकुन्त, पुण्यदर्शन
10. केवल, सिर्फ़, मात्र, खाली, ख़ाली, बस, निपट,

ऊपर से नीचे
1. प्रतिनिधि, मुख़्तार, मुख्तार;
2. एक असुर जो शुंभ का भाई था
3. प्रकार, तरह, किस्म, क़िस्म, भाँति, रहस्य
4. आकाश में दूर तक कुहरे की तरह फैला हुआ वह प्रकाश-पुंज जो अंधेरी रात में सफ़ेद धारी की तरह दिखाई देता है
5. तूतिया, नीलांजन, नीलाश्मज, मृतामद, वर्णकंट, वर्णकण्ट, शिखिकंठ
7. प्रदर्शन, वस्तु, शक्ति आदि दिखलाने की क्रिया
9. बुनियाद, आधार, बिना, मूल
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पहेली 141 का हल:

वर्ग पहेली 141


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हुरनिब रीगि शगिरी गिहलरी लागि तयनी रतासनी लनीगाय हलनीमे लापननी कचीनीतानु नुरीक नसानुक शगानुइमाह लनूड

बाएँ से दाएँ
1. प्रदर्शनालय
3. शिकायत, शिकवा, उलाहना, उपालम्भ, उपालंभ
4. गरी, खोपरा, खोपड़ा, गोला
6.
7. खुश्की, अनरस, फीकापन, रसहीनता
9. सेवई की तरह पर उससे मोटा मैदे का बना एक खाद्य पदार्थ;
10. एक प्रकार का प्रमेह रोग;
11. उद्देश्य, मंसा, मंशा, मकसद

ऊपर से नीचे
1. जलाशयों के पास रहनेवाली एक प्रकार की चिड़िया;
2. नीलिमा, नीलाभ;
4. शिव, शंकर, महादेव, आशुतोष, कैलाश नाथ, त्रिपुरारि, त्रिपुरारी, भोलेनाथ, विश्वनाथ, महेश, भोला, भोलानाथ, पिनाकी, जटाधारी,
5. कहीं जाकर वहाँ से न लौटना
6. मीन-मेख, मीनमेख, छिद्रान्वेषण;
7. एक स्तनपायी जंतु जो देखने में बहुत-कुछ गाय के समान जान पड़ता है;
8. चीखुर, वृक्षतक्षक; चूहे की तरह का सफ़ेद और काले धारियोंवाला तथा मोटी रोएँदार पूँछवाला एक जंतु जो पेड़ों पर रहता है
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पहेली 140 का हल:

वर्ग पहेली 140

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निटाप वगिरिर गिहरो लगिम सगिला शिनिता कीमहनीम नीमा नीर तावरनी रानी लनी कलमलनी नीलणिम ललातकुंनी गिनीरिल लनीम नीबलांर

बाएँ से दाएँ
1. जिसे ठीक से इलाज करना नहीं आता हो
4. दक्षिण भारत का एक पर्वत, तमिलनाडु का एक शहर , एक ऊँचा पेड़
6. नरम और चिकना ऊनी कालीन
7. तृणग्राही, इंद्रनील, इन्द्रनील, शितिरत्न, नीलरत्न
8. जल, पानी, अंबु, अम्बु, पय, वारि, आब,
9. नील नामक पौधे से निकलनेवाला नीला रंग
10. पानी,दूध आदि पीने का एक गोल और लंबोतरा बरतन
11. संपादित करना, सम्पादित करना, करना
12. शान्ति, ख़ामोशी, खामोशी, शब्दहीनता, ध्वनिहीनता, कोलाहलहीनता, सन्नाटा

ऊपर से नीचे
1. ताड़ी, मुखसुर; ताड़ के वृक्ष का रस जो पीने में बहुत स्वादिष्ट तथा गुणकारी होता है
2. नीलमणि, तृणग्राही, इंद्रनील, इन्द्रनील
3. पर्वतराज, गिरिराज
4. नीलांबुज, नीलोत्पल, इंदीवर, इन्दीवर,
5. पार्वती की एक सखी
8. जामे के नीचे पहनने का एक पहनावा
9. नीला वस्त्र; नीले रंग का कपड़ा
10. दल, टोली, मंडली, जत्था, जमात
11. रात, रात्रि, रजनी, निशा, यामा, यामिनी, रैना, रैन, विभावरी
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पहेली 139 का हल:

वर्ग पहेली 139


वर्ग पहेली 139
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नातदिनि टानिप निबरहु टंएगाक वएमेक रिगिरव सुगितरि रीगि रीशगि गिरीलह गिला लागियु रनिशिच

बाएँ से दाएँ
1. केवल, सिर्फ़, मात्र, खाली, बस, निपट, महज,
2. राक्षस, असुर, दैत्य, दैत
3. पर्वत राज, बड़ा पर्वत
5. शिव, शंकर, महादेव, आशुतोष, कैलाश नाथ, त्रिपुरारि, त्रिपुरारी, भोलेनाथ, विश्वनाथ, महेश, भोला, भोलानाथ, पिनाकी, जटाधारी
6. ध्वनित, नादित, शब्दायमान
7. शिकायत, शिकवा, उलाहना, उपालम्भ,
8. गरी, खोपरा, खोपड़ा, गोला, चिरौंजी, मींगी

ऊपर से नीचे
1. एक टाँग का लंगड़ा
2. जहाँ से कोई लौटकर न आता हो या न आ सके
3. चीखुर, वृक्षतक्षक; चूहे की तरह का सफ़ेद और काले धारियोंवाला तथा मोटी रोएँदार पूँछवाला एक जंतु जो पेड़ों पर रहता है
4. हिमालयज, मैनाक पर्वत
5. गले में गांठ पड़ने का एक रोग
6. सुलझाना, निबटाना, फरियाना, समाधान करना
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पहेली 138 का हल:



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I once lived in Ratlam, MP India and hence transformed to RaviRatlami. Presently I am based at Bhopal, MP. I had served Govt Electric Supply company for about 20 years as Electrical Engineer. Then I took VRS from service in 2003 and started working as freelance Technical Writer, Translator & Consultant. I had done mammoth pioneer work in bringing Linux Operating System in Hindi & Chhattisgarhi. I had translated hundreds of Linux/Windows Applications & Web-Sites in Hindi. I had been awarded as Microsoft Most Valuable Professional for 2007-2009. Our KDE Hindi Team also got prestigious FOSS.IN 2007 award - sponsored by NRCFOSS. In 2009 I was awarded with Manthan award for Chhattisgarhi Application suit KDE