ऑनलााइन हिंदी विश्व की सर्वप्रथम, समृद्ध वर्ग पहेलियाँ। मनोरंजन। ज्ञानवर्धन। दिमाग़ी कसरत।

वर्गपहेली 170


ऑनलाइन वर्गपहेली क्रमांक - 170
Online Hindi Crossword Puzzle
1   2     3 4   5
    6      
            7
8 9          
        10    
                11
    12     13    
    14     15    
  16         17  
      18        
  19           20
      21        



दाएँ से बाएँ
1. बर्तन, बरतन, बासन, पात्र, आहड़, धात्र; धातु, शीशे, मिट्टी आदि का वह आधार जिसमें खाने-पीने की चीज़ें बनायी या रखी जाती हैं
3. उपभोग, सेवन, भोग, आभोग, सुख भोग; किसी वस्तु के व्यवहार से सुख या मजा लेने की क्रिया
6. निपुणता, प्रवीणता, क़ाबिलीयत, काबिलीयत, कुशलता, कार्यकुशलता, कौशल, दक्षता, पटुता, प्रावीण्य, नैपुण्य, सुघड़ता, सुघड़ई, सुघड़ाई, सुघड़ापा, सुघरपन, सुघरता, सुघरई, सुघराई, उस्तादी, स्किल, महारत, सिद्धि, विचक्षणता, युक्ति; किसी काम आदि में प्रवीण होने की अवस्था, गुण या भाव
7. उद्दंड, उदंड, उद्दण्ड, उदण्ड, अक्खड़, उच्छृंखल, उच्छृङ्खल, उजड्ड, उज्जट, उज्झड़, उजबक, उछृंखल, बागड़बिल्ला, बरबंड, प्रगल्भ, बंगा; जिसे दंड का भय न हो
8. स्वार्थी, खुदगर्ज, ख़ुदग़र्ज़, खुदपरस्त, स्वार्थपर, अपकाजी, मतलबी, खुदगरज, ख़ुदग़रज़, मतलबिया, मतलबपरस्त, मतलब परस्त, फसलीकौवा, आत्मग्राही; वह जो स्वार्थ से भरा हुआ हो या अपना मतलब निकालनेवाला हो
10. कैलाश, कैलास, रजतप्रस्थ, रजताचल, रजताद्रि, शिवधाम, शिव-धाम, श्वेताद्रि, शंभुगिरि, शम्भुगिरि, शंभुलोक, शम्भुलोक, शिवशैल, शंकरशैल, गणपर्वत, शंकरालय, शंकरावास, कुवेराचल, कुवेराद्रि, भवाचल, अष्टापद; एक पर्वत जो तिब्बत में है और पौराणिक मतानुसार जिस पर भगवान शिव निवास करते हैं
12. प्रतिमान; तौलने के लिए कुछ निश्चित मान का पत्थर,लोहे आदि का टुकड़ा
15. बड़ी डाँड़ी का चम्मच जिससे बटलोई आदि की दाल आदि चलाते या निकालते हैं
16. तकिया, बालिश, बालिस, गेंदुआ, कशिपु, उपधान, शिरहन; रुई आदि से भरा हुआ वह मुँहबंद थैला जो लेटने या सोने के समय सिर आदि के नीचे रखते हैं
17. गबोनीज़, गबुनीज़, गबोनीस, गबुनीस; गाबा से संबंधित या गाबा का
18. मुगल बादशाहों का वह प्रतिनिधि जो किसी प्रदेश के शासन के लिए नियुक्त होता था
19. मगध में बोली जानेवाली भाषा, एक प्रकार का पान
20. आश्चर्य, अचंभा, अजूबा, अचम्भा, अचरज, ताज्जुब, ताज़्जुब, विस्मय, हैरत, अचंभव, अचम्भव, अचंभो, अचम्भो, अचंभौ, अचम्भौ, अद्भुत वस्तु, तअज्जुब, कौतुक, इचरज; आश्चर्य उत्पन्न करने वाली वस्तु
21. बमवर्षा, बमवृष्टि; गोला या बम बरसाने की क्रिया

ऊपर से नीचे
2. साँप, सर्प, अहि, भुजंग, उरंग, व्याल, सारंग, विषधर, पन्नग, अनिलाशी, अपत्यशत्रु, फुनिंग, दीर्घपृष्ठ, विषदंतक, शेव, विषदन्तक, दीर्घरसन, फणधर, विषानन, श्वसनाशन, श्वसनोत्सुक, दृक्कर्ण, द्विरसन, त्सरु, लांगली, भुअंग, भुअंगम, कर्कटी, फणिक, फणी, प्रबलाकी, पुलिरिक, मारुताशन, लेलिहान, प्रवलाकी, लेलिह, आशीविष, आभोग, पवनाशी, पवनाश, पवनाशन, तार्क्ष्य, कुंडली, कुण्डली; सरीसृप वर्ग का एक रेंगने वाला पतला और लंबा जीव जिसकी कई जातियाँ पायी जाती हैं;
3. अहंकार, अहङ्कार, घमंड, घमण्ड, अकड़, अहंकृति, अहङ्कृति, दर्प, अभिमान, अहंता, ग़रूर, ग़ुरूर, गुरूर, गरूर, गुमान, गर्व, मान, दंभ, दम्भ, मद, मगरूरी, ऐंठ, ऐंठन, शेखी, शेख़ी, शान, ठसक, अहं, अहम्मति, अहमिति, अहमेव, खुदी, ख़ुदी, अभिमति, दाप, आन, अवलेपन, अवलेप, गडंग, अवश्याय, अवष्टंभ, अवष्टम्भ, प्रागल्भ्य, कल्क, आटोप, पर्वरीण, गारो; अपने आपको औरों से बहुत अधिक योग्य, समर्थ या बढ़कर समझने का भाव
4. गणेश, गजानन, गणपति, श्रीगणेश, लंबोदर, वक्रतुंड, विनायक, करिवदन, महागणपति, नवनीत-गणप, आंबिकेय, आखुवाहन, एकदंत, एकदन्त, करिबदन, गजमुख, गजवदन, द्विमातुर, गणेश्वर, विघ्नेश, हरिहय, इभानन, गजशीश, गणनाथ, गौरीज, द्वैमातुर, लम्बोदर, वक्रतुण्ड, काममाली, वारणानन, गजकर्ण, हेरंब, हेरम्ब, मंगलारंभ, द्विदेह, वृषकेतन, द्विपास्य, द्विमातृज, सिंधुरवदन, सिन्धुरवदन, नागमुख, मूषकवाहन, अंबिकेय, अम्बिकेय, आम्बिकेय, वज्रतुंड, वज्रतुण्ड, हेरांब, भालचंद्र, भालचन्द्र, विघ्नजीत, विघ्नेश्वर, विघ्ननायक, विघ्ननाशक, विघ्ननाशन, विघ्नपति, विघ्नराज, विघ्नविनायक, हेरुक, पृथ्वीगर्भ, इरेश; हिंदुओं के एक प्रधान एवं अग्रपूज्य देवता जिनका शरीर मनुष्य का और सिर हाथी का होता है
5. प्राचीन भारत में वह बहुत बड़ा योद्धा जिसके अधीन अनेक रथी होते थे
8. छानबीन, छान-बीन, जाँच-पड़ताल, जांच-पड़ताल, जाँच, परिवीक्षा, तहकीकात, जांच, अनुसंधान, अनुसन्धान, तहकीक, तहक़ीक़, तहक़ीकात, तफ्तीश, अवच्छेद, आकलन, पर्येषणा; किसी घटना या विषय के मूल कारणों या रहस्यों का पता लगाने की क्रिया
9. तांबे,टिन और जस्ते के मिश्रण से बनी एक मिश्र धातु;
10. मोर, मयूर, कलापी, शिखंडी, शिखण्डी, केकी, नीलकंठ, नीलकण्ठ, मायूर, घनप्रिय, चंद्रकी, चन्द्रकी, अहिरिपु, बरहा, बरही, मयूक, , शिखालु, शिखावर, शिखावल, शिखि, शिखी, शिखाल, मार्जारक, ताऊस, शुक्लापांग, वृषी, शापटिक, शुक्रभुज, शुक्रांग, मेनाद, वर्षामद, राजसारस, वर्ही, अर्की, प्रवलाकी, अर्जुन, सर्पद्विष, बाहुलग्रीव, पुँछार, दीप्तांग, दीप्ताङ्ग, कुंडली, कुण्डली; एक अत्यंत सुंदर बड़ा पक्षी जिसकी पंखनुमा पूँछ लम्बी होती है
11. एक प्रकार का आभूषण
13. ट्रेन, छुक-छुक गाड़ी, छुक छुक गाड़ी, छुकछुक गाड़ी, लौहपथगामिनी; भाप, डीज़ल या बिजली के इंजन द्वारा लोहे की पटरियों पर चलने वाली गाड़ी
14. एक संकर रागिनी
लेबल:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणियाँ यहाँ दर्ज करें. स्पैम/वायरस कड़ियों युक्त टिप्पणियों को रोकने हेतु टिप्पणियों पर मॉडरेशन लागू है अतः उन्हें यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है. धन्यवाद.

आसान पहेलियाँ

[आसान][column1]

कठिन पहेलियाँ

[कठिन][column1]

तकनीकी / हास्य-व्यंग्य

[तकनीकी][column1][http://raviratlami.blogspot.com]

रचनाकार - हिंदी साहित्य

[कहानी][column1][http://rachanakar.blogspot.com]
[facebook][blogger]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget