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पहेली 204


ऑनलाइन वर्गपहेली क्रमांक - 204
Online Hindi Crossword Puzzle
        1   2     3   4
  5     6  
            7  
8 9           10
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<b>दाएँ से बाएँ</b>
6. आम का पेड़।
7. १. छोटा कण या बहुत छोटा टुकड़ा। २. पीपल।
8. खड़ाऊँ।
11. १. धान कूटने का एक प्रसिद्ध उपकरण जो लंबे मोटे डंडे के रूप में होता है और जिसके मध्य भाग में पकड़ने के लिए खड्डा सा होता है और छोर पर लोहे की साम जड़ी रहती है। २. उक्त आकार का प्राचीन काल का एक प्रकार का अस्त्र। ३. राम
12. १. वैदिक काल में सोम नामक लता का रस जो ऋशी मुनि आदि पीते थे। २. हठयोग मे
14. ऋतुमती। (स्त्री)। पुं० [फा० सरजाह] १. सरदार। २. सिंह। शेर। ३. छत्रपति शिवाजी की उपाधि।
16. १. एक प्रकार का वृक्ष जिसमें लंबोतरी बड़ी फलियों का गूदा दवा के काम आता है। घनबहेड़ा। किरवरा। २. इस पौधे की फली या फूल।
18. १. हल। २. सूर्य। ३. शिशुमार।
20. लादने की क्रिया
21. किसी पद पर किसी व्यक्ति के काम करते रहन की अवधि। (टेन्योर)
25. गाढ़ा किया हुआ दूध का लच्छेदार रूप। बसौधी।
26. १. उबटन

<b>ऊपर से नीचे</b>
1. १. प्रसन्न होकर सद्भावपूर्वक किसी मित्र
2. [देश] जंगली भेडों की एक जाति।
3. छेदनेवाला।
4. १. तीर का पिछला सिरा जिसपर पंखा लगाये जाते हैं० २. दे० ‘भोगली’। वि० पुं०=फोक। (यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
5. ऐसी चीज या बात जिसमें ऊपरी आडबंर
9. उत्तर-पश्चिमी भारत के एक प्राचीन कपिश राज्य के अंतर्गत की एक नगरी जिसका वर्णन ह्वेन-सांग ने किया है।
10. १. ठेलने की क्रिया या भाव। २. माल ढोने की एक तरह की दो या तीन पहियोंवाली छोटी गाड़ी जिसे आदमी ठेल या ढकेलकर चलाते हैं। ३. उक्त प्रकार की चार पहियोंवाली छोटी गाड़ी जो केवल रेल की पटरियों पर चलती हैं। ट्रॉली। ४. छिछली नदियों में चलनेवाली एक तरह की कम गहरी नाव। ५. धक्का। ६. भीड़-भाड़।
13. १. मुताबिक होने की अवस्था या भाव। २. अनुरूपता। सादृश्य।
15. वह जिसे जागीर मिली हो। जागीर का मालिक।
17. मकई (ज्वार)।
19. १. सफेद रंग का प्रसिद्घ खनिज पदार्थ। राँगा। २. पीतल आदि के बरतनों को उजला बनाने तथा चमकाने के लिए उक्त खनिज पदार्थ का प्रस्तुत किया हुआ चूर्ण। ३. उक्त चूर्ण से बरतनों आदि पर किया जानेवाला पतला या हलका लेप। ४. चित्रकला में ऐसा चूर्ण या बुकनी जिसे चिपकाने या लगाने से वह चाँदी की तरह चमकता है। ५. दीवारों आदि पर होने वालों चूने की पुताई। सफेदी। ६. लाक्षणिक अर्थ में तथ्यों या वास्तविकता को छिपाने के लिए उन पर चढ़ाया हुआ आकर्षक किंतु मिथ्या आवरण। किसी एक रूप को छिपाने या ढकने के लिए धारम किया हुआ दूसरा दिखावटी भड़कीला रूप। मुहा०—कलई उधड़ना या खुलना=किसी के आंतरिक तथा वास्तविक स्वरूप या रहस्य का दूसरों को पता लगता। कलई न लगना=चाल या युक्ति का सफल न होना। ७. ऊपरी तथा दिखावटी तड़क-भड़क।
22. क्रिकेट संबंधी
23. चोंगी या कीप।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
24. लसोड़े की जाति का एक वृक्ष जो गढ़वाल में होता है। इसकी लकड़ी मजबूत होती है। इसे ‘कूम’ भी कहते हैं। पुं० [अं०] अंगरेजी ढंग की कलम जिसमें धातु की निब लगी रहती है।
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