345 - जो जनता की आराधना या वंदना के योग्य हो?


ऑनलाइन वर्गपहेली क्रमांक - 345
Online Hindi Crossword Puzzle
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बाएँ से दाएँ
1. 1. प्रसन्नता; मन में होने वाली सुखद अनुभूति 2. उत्साह बढ़ाने वाला भाव 3. इच्छा; प्रफुल्लता; हर्ष।
2. अभिभव की अवस्था; अभिभव की क्रिया।
4. 1. वर्ण
8. जो जनता की आराधना या वंदना के योग्य हो।
9. 1. किसी धार्मिक संप्रदाय या किसी व्यक्ति के मत या विचारों को मानने वाला व्यक्ति; मत विशेष का अनुगमन करने वाला व्यक्ति; मतावलंबी; मतानुगामी 2. पंथी; अनुचर; पिछलग्गू; समर्थक; हिमायती; पक्षधर।
11. 1. यमराज के सेवकगण या दूत 2. कौआ।
15. हर्षवर्धनकृत एक प्रसिद्ध संस्कृत नाटक।
16. कड़वे स्वाद का छोटा पौधा जो दवा के काम आता है।
17. 1. पहरा देना; रखवाली करना 2. प्रतीक्षा करना; राह देखना।

ऊपर से नीचे
1. 1. प्रसन्न; आनंदित; हर्षित; पूर्णतया संतुष्ट 2. जो अपने या किसी के द्वारा किए हुए कार्य से सुख तथा संतोष का अनुभव कर रहा हो 3. प्रफुल्लित।
2. वैधानिक रूप से बनाया गया नियम या कानून; (ऐक्ट)।
3. 1. शोभावृद्धि हेतु आभूषणों में जड़ा जाने वाला बहुमूल्य पत्थर का रंगीन टुकड़ा 2. नग; रत्न; मणि।
5. 1. घोड़े की पीठ पर डाला जाने वाला कपड़ा जो एक ओर उसकी गरदन में बँधा रहता है 2. सिले हुए कपड़े का वह अंश जो गले के चारों ओर पड़ता है 3. गले में पहना जाने वाला एक आभूषण; हँसली 4. कारनिस 5. गरदन पर लगाया जाने वाला घस्सा 6. गरेबान 7. गरदनियाँ।
6. 1. सरल रेखा में होने वाला; एक ही रेखा में होने वाला 2. जो निरंतर उन्नति की ओर हो।
7. राह दिखाने वाला व्यक्ति; पथप्रदर्शक।
10. 1. किसी बात या घटना का भूतकालीन हो जाना; गुज़र जाना 2. किसी बात या काम का अंत हो जाना 3. समय या वक्त व्यतीत होना; कटना 4. किसी घटना
12. कब्र पर बनी हुई इमारत या गुंबद; स्मारक; रौज़ा; मज़ार।
13. 1. ऊबना (मन का न लगना); मन का उदासीन होना 2. मन का विरक्त होना।
14. 1. दुगुना होने का भाव 2. दो पर्वतों के मध्य का स्थान; घाटी।

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