702 - गंगा की वह धारा जिसके बारे में किंवदंती है कि वह पाताल में बहती है

ऑनलाइन वर्गपहेली क्रमांक - 702
ऑनलाइन उलटपुलट / गड्डमड्ड (स्क्रैम्बल्ड) शब्द पहेली Online Hindi Crossword / scrambled / jumbled word Puzzle
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झसाँ वतीयु ड़ीमू षणवृ भोगतीव कलिना लंरग ढ़ामू नाकछ बरसीवा रनाव गषापाणयु

बाएँ से दाएँ
1. 1. भावुक 2. सनकी 3. उत्तेजनशील 4. जिसका स्वभाव परिवर्तनीय हो 5. उदास; खिन्न।
4. अंडकोश।
6. 1. जवान स्त्री 2. हल्दी 3. सोनजुही 4. प्रियंगुलता।
8. 1. लोहे का एक प्रकार का बहुत बड़ा काँटा जिसका व्यवहार बड़ी-बड़ी नावों या जहाज़ों को नदी या समुद्र के किनारे एक ही स्थान पर ठहराने या टिकाए रखने के लिए होता है; (एंकर) 2. सिख धर्म में प्रसाद के रूप में दिया गया सामूहिक भोजन 3. पैरों का एक गहना। [मु.] -छकना : पंगत में बैठकर भोजन करना।
10. 1. प्राचीन समय में चलने वाला एक अस्त्र 2. कमल 3. बाँसुरी 4. भैंसा।
11. सूर्यास्त के आस-पास का समय; संध्याकाल; शाम; सायंकाल।

ऊपर से नीचे
1. बाँस
2. वह काल जिसमें मनुष्य पत्थर के औज़ारों का ही प्रयोग करता था; प्रस्तर काल; (स्टोन एज)।
3. 1. गंगा की वह धारा जिसके बारे में किंवदंती है कि वह पाताल में बहती है; पाताल गंगा 2. नागिन 3. एक नदी।
5. एक रोग जिसमें गुदेंद्रिय में मस्से निकलते हैं; अर्श; ऐसा रोग जो ख़ूनी और बादी दो प्रकार का होता है; (पाइल्स)।
7. अन्यथा; नहीं तो।
9. 1. किसी चीज़ से संतुष्ट होना; तृप्त होना; अघाना 2. किसी की चातुरी से परेशान होना; हैरान होना 3. हारना 4. चकराना 5. नशे में चूर होना।

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